नई दिल्ली, 27 सितंबर (अशोक “अश्क”) बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा रानी मुखर्जी को तीन दशकों के लंबे करियर में पहली बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान 2023 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ में दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री श्रेणी में मिला। दिल्ली में आयोजित नेशनल फिल्म अवॉर्ड 2025 समारोह में रानी ने यह अवॉर्ड ग्रहण किया।
इस खास मौके पर उनके साथ सुपरस्टार शाहरुख खान और अभिनेता विक्रांत मैसी भी मौजूद रहे, जिन्हें क्रमशः अपनी-अपनी फिल्मों के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला।

रानी मुखर्जी ने एक इंटरव्यू में इस सम्मान को लेकर अपनी खुशी जाहिर की, साथ ही बताया कि उनकी बेटी आदिरा चोपड़ा इस समारोह में शामिल होना चाहती थीं, लेकिन एक नियम के चलते वह ऐसा नहीं कर सकीं। दरअसल, नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी में 14 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश की अनुमति नहीं होती, और रानी की बेटी अभी 10 साल की भी नहीं हुई हैं।
भावुक रानी ने बताया, “वह रो रही थी क्योंकि वह मेरे साथ आना चाहती थी। मुझे उसे समझाना पड़ा कि नियमों के कारण वह अंदर नहीं आ सकती। उसने कहा, यह ‘अन्याय’ है कि वह मेरी इस खुशी का हिस्सा नहीं बन सकती।”
हालांकि बेटी की अनुपस्थिति के बावजूद रानी ने उसे खास तरीके से अपने साथ रखा। उन्होंने अपने गले में ‘आदिरा’ नाम का पेंडेंट पहन रखा था, जो सभी की नजरों में आ गया।
रानी ने कहा, “वह मेरी लकी चार्म है। मैंने उससे कहा कि चिंता मत करो, मैं तुम्हें अपने साथ लेकर जाऊंगी।”** उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर जब लोगों ने वीडियो और रील्स बनाकर लिखा कि ‘रानी अपनी बेटी को अपने साथ ले गई’, तो उन्होंने ये क्लिप्स आदिरा को दिखाईं जिससे वह बहुत खुश हुई।
रानी मुखर्जी का यह भावुक जुड़ाव उनकी मां की भूमिका के प्रति गहराई को दर्शाता है, और यह अवॉर्ड उनके करियर की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया है।

