लखनऊ, 16 नवम्बर (लखनऊ डेस्क) 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। प्रधानमंत्री के शामिल होने के कारण रामनगरी की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यलो जोन समेत कई इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाकर लगभग 15 हजार कर दी गई है, जिससे चप्पे-चप्पे पर तीसरी आँख से निगरानी की जाएगी।

एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए मैनपावर के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यलो जोन में पहले 280 स्थानों पर कैमरे लगाए गए थे, अब इसे बढ़ाकर लगभग 450 स्थानों तक कर दिया गया है। पूरे इलाके का ऑडिट करने पर ब्लाइंड स्पॉट चिह्नित हुए, जिन पर हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं।
सभी कैमरों को एकीकृत कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जहां रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी। इसके अलावा, ड्रोन कैमरों से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे किसी भी संदिग्ध हलचल पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत यह व्यापक निगरानी कार्यक्रम सुरक्षा को मजबूत करने और कार्यक्रम को सुरक्षित बनाने का प्रयास है।
इस योजना से रामनगरी में ध्वजारोहण के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की संभावना न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।

