पटना, 1 सितम्बर (अशोक “अश्क”) राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन समारोह में ऐसा बयान दिया, जिससे बिहार की सियासत गरमा गई है। राहुल ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस बार केवल ‘एटम बम’ नहीं, बल्कि ‘हाइड्रोजन बम’ फटेगा। इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और राहुल को आड़े हाथों लिया है।

राहुल गांधी की यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य बिहार में चल रही चुनाव आयोग की विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ को उजागर करना था। 16 दिनों तक चली इस यात्रा ने राज्य के 25 जिलों के 110 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया और इसमें महागठबंधन के कई दिग्गज नेताओं जैसे तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, स्टालिन और रेवंत रेड्डी ने भाग लिया।
गांधी मैदान में जब राहुल गांधी ने मंच संभाला, तो उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आपने एटम बम का नाम सुना है? एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम होता है। बीजेपी के लोगों, तैयार हो जाओ, हाइड्रोजन बम आ रहा है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। राहुल ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में हुए कथित ‘वोटर फ्रॉड’ का हवाला देते हुए कहा कि “एटम बम तो पहले ही फट चुका है, अब हाइड्रोजन बम बीजेपी की असलियत सामने लाएगा।”
राहुल के इस आक्रामक रुख पर बीजेपी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी की बातें समझने में वक्त लगता है। उनका ‘एटम बम’ तो पटाखा भी नहीं था, अब ‘हाइड्रोजन बम’ की बात कर रहे हैं।” प्रसाद ने राहुल के आरोपों को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता की पटना रैली में भीड़ उत्तर प्रदेश के देवरिया से लाई गई थी और यह पूरी कवायद विपक्ष की हताशा को दर्शाती है।
राहुल गांधी का यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले माहौल को गर्माने का काम कर रहा है। महागठबंधन जहां इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है, वहीं बीजेपी इसे विपक्ष की बौखलाहट बता रही है। सुप्रीम कोर्ट में मतदाता सूची से जुड़े इस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है, और राहुल गांधी का दावा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या राहुल का ‘हाइड्रोजन बम’ वाकई कोई बड़ा राजनीतिक धमाका करेगा या फिर यह बयान भी पहले की तरह ‘फुस्स’ साबित होगा? कांग्रेस इस यात्रा के जरिए राज्य में अपना जनाधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, और ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह आरजेडी के साथ बराबरी की हिस्सेदारी पाने में सफल हो पाएगी।
बिहार की सियासत फिलहाल राहुल के बयान के इर्द-गिर्द घूम रही है और यह साफ है कि यह ‘हाइड्रोजन बम’ बयान लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।

