समस्तीपुर, 13 सितंबर (राजेश झा) रुसेरा घाट रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग को लेकर रोसड़ा में आज स्वत: बंदी और विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया गया है। यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, जिसमें आम नागरिकों के साथ बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और अधिवक्ता भी शामिल होंगे।
आंदोलन की शुरुआत सुबह 8 बजे गांधी चौक से होगी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जनसमूह पैदल मार्च करेगा। यह जुलूस महावीर चौक, गुजरी बाजार, पुरानी चौक, बड़ी दुर्गास्थान, अंबेडकर चौक होते हुए टावर चौक तक पहुंचेगा। अंत में वहां एक विशाल जनसभा के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

शनिवार को रोसड़ा बाजार में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसमें स्थानीय नेताओं और युवाओं ने लोगों से बंदी और मार्च में शामिल होने की अपील की। नीतीश नायक और सिद्धार्थ कुमार सिंह ने बताया कि यह आंदोलन सिर्फ एक ट्रेन के ठहराव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों की मांग है कि सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव रुसेरा घाट रेलवे स्टेशन पर हो।
गौरतलब है कि 15 सितंबर से पूर्णिया-दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस इस रेलखंड से होकर गुजरेगी। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल ट्रेन का ठहराव रुसेरा घाट पर नहीं दिया गया है। वहीं, इसी रूट पर स्थित सलोना स्टेशन पर स्थानीय विधायक की सिफारिश पर ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित कर दिया गया है। इससे रोसड़ा के लोगों में असंतोष और अधिक गहरा गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस समेत अन्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न दिए जाने से इस क्षेत्र की बड़ी आबादी उपेक्षित हो रही है। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि “एक ट्रेन का ठहराव पर्याप्त नहीं, हमें सभी लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव चाहिए।”
इस आंदोलन को मिश्रा विश्व बारूद, नौशाद अली अंसारी, सिद्धार्थ समेत बड़ी संख्या में युवाओं ने समर्थन दिया है। अधिवक्ताओं और व्यवसायिक संगठनों ने भी इसमें शामिल होने का निर्णय लिया है।
लोगों का कहना है कि रुसेरा घाट रेलवे स्टेशन लंबे समय से इस इलाके की जीवनरेखा रहा है, लेकिन रेल मंत्रालय लगातार यहां की उपेक्षा कर रहा है। अगर मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

