मोतिहारी, 23 नवम्बर (निज संवाददाता) पूर्वी चंपारण के केसरिया के कैथवलिया गांव में दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर बन रहा है। पटना हनुमान मंदिर के संस्थापक स्व.किशोर कुणाल द्वारा इस विराट रामायण मंदिर का निर्माण शुरू किया गया था। जिस पर अभी काम चल रहा है। इस अत्यंत विशाल शिवलिंग की आज विधिवत पूजा-अर्चना के बाद वाहन पर लोड कर दिया गया।

अब यह शिवलिंग पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया के लिए रवाना हो चुका है। जहां कैथवलिया गांव में मंदिर निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। यह विराट प्रोजेक्ट स्वर्गीय आचार्य कुणाल किशोर की परिकल्पना पर आधारित है, जिनका सपना था कि बिहार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के वैश्विक मानचित्र पर विशेष पहचान बनाए। मंदिर के लिए तैयार किए जा रहे सभी विशाल घटकों में यह शिवलिंग सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दक्षिण भारत के महाबली पुरम से शिवलिंग को वाहन पर चढ़ाए जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। हलाकिं उक्त शिवलिंग केसरिया पहुंचने में लगभग एक माह का समय लेगा। जगह-जगह लोग उसकी एक झलक पाने के लिए आतुर है। श्रद्धालुओं ने इसे मंदिर निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया। सूत्रों के अनुसार, शिवलिंग के केसरिया पहुंचते ही इसे निर्धारित स्थान पर स्थापित किए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। मंदिर निर्माण की रफ्तार बढ़ने के साथ आम लोगों में यह उम्मीद और प्रबल हुई है कि आने वाले वर्षों में यह स्थल देश-दुनिया के करोड़ों शिवभक्तों के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल होगा।

