मुजफ्फरपुर (अशोक “अश्क”) बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना जीविका द्वारा संचालित मुजफ्फरपुर जिले में विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन बुधवार को वर्ल्ड बैंक की टीम ने किया। 8 सदस्यों की टीम ने मुजफ्फरपुर जिले के संगम संकुल स्तरीय संघ,सतत जीविकोपार्जन योजना, दीदी अधिकार केंद्र, समर्पण बीज प्रसंस्करण इकाई, सौर ऊर्जा उद्यमी, बेला बैग क्लस्टर, दीदी की रसोई और मेषा महिला बकरी पालक प्रोड्यूसर कंपनी में भ्रमण करते हुए जीविका परियोजना से लाभ ले रही दीदियों से बातचीत किया। सबसे पहले विश्व बैंक की टीम संगम संकुल स्तरीय संघ पहुंची जहां दीदियों ने उनका स्वागत किया।

टीम के सदस्यों ने जीविका द्वारा संचालित विभिन्न तरह की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक और सामाजिक लाभ के बारे में जानकारी लिया। सिडबी से लाभ लेने वाली जीविका दीदियों के बीडीओ से भी टीम के सदस्यों ने जानकारी ली। उसके बाद सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत लाभ लेने वाली महिलाओ से बातचीत किया और दीदी अधिकार केंद्र के संचालन की पूरी गतिविधि को जजानी। समर्पण बीज प्रसंस्करण इकाई में भी किसानों के हित के लिए किये जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए जरूरी सुझाव दिया।

साथ ही आगा खान ग्राम समर्पित कार्यक्रम के तहत सौर ऊर्जा उद्यमियों से भी मुलाकात कर उनके कमाई और उनके सिंचाई प्रकिया के बारे में पूरी जानकारी ली। विश्व बैंक की टीम ने दोपहर का भोजन बेला स्थित दीदी की रसोई में किया और बेला स्थित बैंक क्लस्टर में महिला उद्यमियों से बातचीत करते हुए उनके कारोबार के बारे में संपूर्ण जानकारी ली और जाना कि किस तरह से सरकार की योजनाओं के माध्यम से महिला उद्यमी बन रही है। बकरी पालन के माध्यम से महिलाओं की जिंदगी में क्या बदलाव आ रहा है, इसके लिए मेषा महिला बकरी पालक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के कार्यालय में भी टीम के सदस्यों ने कंपनी के बोर्ड सदस्यों और लाभार्थियों से बातचीत की.

विश्व बैंक की टीम में राज गांगुली, अमित अरोड़ा, सुधांशु कुमार वही जीविका के राज्य कार्यालय से सतीश कुमार,काजल कुमारी, समीर कुमार, बीएमजीएफ से प्रगति कुमारी,डीपीएम अनीशा, संचार प्रबंधक राजीव रंजन, रितेश कुमार उज्जवल कुमार, नूरी जमाल,अमानुल्लाह, मसरूर अहमद, विकास कुमार,रितिका जेना,संजीव कुमार सिंह, सहदेव,नवनीत कुमार, राज कुमार, मुकेश चंद्र,खुशबू कुमारी, शोभा साह सहित कई जीविका कर्मी उपस्थित थी।

