समस्तीपुर, 09 नवम्बर (समस्तीपुर डेस्क) शिवाजीनगर प्रखंड के किसानों के लिए इस रबी सीजन की शुरुआत चिंता लेकर आई है। आलू के बीजों की कीमत 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच जाने से किसानों की उम्मीदें टूटने लगी हैं। पिछले वर्ष बीज 1100 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, परंतु इस बार दामों में भारी वृद्धि हुई है। स्थानीय बीज विक्रेताओं के अनुसार उत्तर प्रदेश और पंजाब से बीज की आवक कम होने के कारण आपूर्ति प्रभावित है।

मध्यम और सीमांत किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं। कई किसानों ने बताया कि पिछले साल तीन एकड़ में खेती की थी, पर इस बार महंगे बीज के कारण डेढ़ एकड़ में ही आलू लगा पाएंगे। बढ़ती खाद, सिंचाई और मजदूरी की लागत ने भी संकट बढ़ा दिया है। किसानों का आरोप है कि सरकार की ओर से न तो बीज वितरण केंद्र खोला गया और न ही सहकारी समितियों के माध्यम से सस्ते दर पर बीज उपलब्ध कराए गए।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि शीघ्र बीज की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और सहकारी समितियों के माध्यम से सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया जाए, ताकि रबी सीजन में आलू उत्पादन प्रभावित न हो।

