नई दिल्ली, 11 नवम्बर (अशोक “अश्क”) बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे किसी भी परिस्थिति में अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद का कोई धर्म, राष्ट्रीयता या सीमा नहीं होता। हसीना की यह टिप्पणी सोमवार शाम उस समय सामने आई जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी कार में हुए विस्फोट ने राजधानी दिल्ली को हिला कर रख दिया। इस हमले में कम से कम 10 लोगों की जान चली गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

विस्फोट की चपेट में आने से आस-पास कई वाहन आग की लपटों में घिर गए, स्ट्रीट लाइटें और खड़ी कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। शेख हसीना ने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
हसीना द्वारा जारी बयान में कहा गया, “आधुनिक दुनिया में चरमपंथी आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। ये आतंकवादी समूह धर्मनिरपेक्ष, मानवीय और कल्याणकारी राज्य की नींव पर हमला कर रहे हैं। पाकिस्तान में जड़ें जमाए ये समूह बांग्लादेश सहित कई देशों में अपने नेटवर्क फैला चुके हैं और क्षेत्रीय शांति को कमजोर करने के लिए भारत में हमले कर रहे हैं।” यह बयान अवामी लीग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है और दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने के लिए देशों के बीच सहयोग आवश्यक है। शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश अवामी लीग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संघर्ष में अपना पूरा समर्थन देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवता के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराधों के लिए आज की सभ्य दुनिया में कोई जगह नहीं है और अपराधियों को माफी नहीं मिलनी चाहिए।
शेख हसीना ने भारत के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ हर संभव सहयोग का वादा किया। उन्होंने कहा, “हम आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ अपने रुख पर अडिग हैं। इन आतंकवादी समूहों की हार से न्याय और मानवाधिकारों की रक्षा होगी और दुनिया सुरक्षित बनेगी।”

