
बक्सर, 28 दिसंबर (विक्रांत) शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए संस्कार, संस्कृति और भावनात्मक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय सेमिनार सह शाहाबाद शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

“संस्कार, संस्कृति व भावनाएं” विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से आए शिक्षाविदों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।समारोह के मुख्य अतिथि डायट व्याख्याता नवनीत सिंह, पूर्व प्राचार्य डॉ. राजू मोची, सुमित्रा महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शोभा सिंह तथा सीनेट सदस्य डॉ. विनोद कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, बल्कि संवेदनशील और संस्कारित नागरिक तैयार करना होना चाहिए।

यही समाज के समग्र विकास की नींव है।कार्यक्रम का शुभारंभ विल्फ्रेड हेनरी की भावपूर्ण सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद कुमारी आरती सिंह और डॉ. अमृता कुमारी के स्वागत गीत ने माहौल को भावनात्मक बना दिया। मंच संचालन नीतू जालान और तबरेज आलम ने किया।इस अवसर पर बिहार के कई जिलों से आए राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

आयोजक विकास फैमिली क्लब और एक्टिव टीचर्स एंड स्टूडेंट ग्रुप के संस्थापक मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों के मनोबल को नई ऊर्जा देते हैं। समारोह प्रेरणादायक माहौल में संपन्न हुआ।

