
समस्तीपुर, 25 फरवरी (हर्षिता “अश्क”) बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। प्रशांत किशोर उर्फ PK ने मंगलवार को समस्तीपुर पहुंचकर सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। जन सुराज के संस्थापक ने ‘बिहार नवनिर्माण यात्रा’ के दौरान मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि सरकार ने जिन वादों और झांसे के दम पर चुनाव जीता है, उन्हें हर हाल में पूरा करना होगा, नहीं तो बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।

PK ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी, “अगर सरकार अपने वादों से मुकरती है तो हम चुप नहीं बैठेंगे। जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे और उन्हें गद्दी छोड़ने पर मजबूर करेंगे।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। “जनता को सिर्फ आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए,” उन्होंने कहा।इस दौरान PK ने सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी पर भी असहमति जताई। उन्होंने कहा, “कोर्ट ने कहा कि आप चुनाव हार गए हैं तो क्यों आए हैं? अगर किसी के साथ अन्याय होगा तो वह न्याय के लिए अदालत ही जाएगा। जीत जाते तो कोर्ट क्यों जाते? न्याय मांगना हर नागरिक का अधिकार है।

”PK के इस बयान को सरकार के लिए सीधी चुनौती माना जा रहा है। समस्तीपुर में उनके समर्थकों की मौजूदगी ने संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ सकता है।अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों और चेतावनियों पर क्या रुख अपनाती है। फिलहाल, समस्तीपुर से उठी यह आवाज बिहार की राजनीति में नई हलचल का संकेत दे रही है।

