नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (अशोक “अश्क”) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार 24 अक्टूबर को समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम से बिहार विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की। मंच से जैसे ही अनाउंसर ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का नाम भाषण के लिए लिया, प्रधानमंत्री ने पास बैठे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर इशारा करते हुए कहा, “चिराग नहीं, नीतीश भाषण देंगे।” इसके बाद नीतीश कुमार ने करीब 10 मिनट का संबोधन दिया और फिर प्रधानमंत्री ने मंच संभाला।

अपने भाषण की शुरुआत में पीएम मोदी ने जनता से मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने को कहा और पूछा, “इतनी रोशनी में भी क्या आपको लालटेन की जरूरत है?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के समय मोबाइल फोन महंगे थे और देश में केवल दो मोबाइल फैक्ट्रियां थीं, लेकिन आज 200 से अधिक फैक्ट्रियां कार्यरत हैं। एनडीए सरकार ने न केवल मोबाइल सस्ता किया बल्कि डेटा भी किफायती बनाया, जिससे युवाओं को कंटेंट क्रिएशन का नया बाजार मिला है।
बेगूसराय की रैली में पीएम ने छठ व्रतियों को सूप भेंट किए और गायिका शारदा सिन्हा को याद किया। मंच पर अंधेरा होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लाइट लगाने को कहा, जिस पर पीएम ने हंसी में कहा, “जब से चुनाव की घोषणा हुई है, हम सब देख रहे हैं, एक तरफ एनडीए है, जहां नीतीश जी, चिराग जी और कुशवाहा जी जैसे समझदार नेता हैं, और दूसरी तरफ महालठबंधन है, जो अटक, लटक, झटक, पटक दलों का समूह है।”
राजद पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि “जंगलराज के दौर में हत्या, लूट, रंगदारी ने बिहार की फैक्ट्रियों और भविष्य दोनों पर ताले लगा दिए थे। बेगूसराय-बरौनी को एक दशक पीछे कर दिया गया।” उन्होंने कहा, “राजद ने बिहार को पलायन की पीड़ा दी और अब वही बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हर घर में सस्ता इंटरनेट पहुंचाया। “दूसरे देशों में एक जीबी डेटा सौ-डेढ़ सौ रुपये में आता है, लेकिन इस चायवाले ने इसे एक कप चाय से ज्यादा महंगा नहीं होने दिया।”
भाषण के अंत में मोदी ने नारा दिया“नई रफ्तार से चलेगा बिहार, फिर आएगी एनडीए सरकार।” उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2005 में बिहार ने जंगलराज से मुक्ति पाई थी और इस बार फिर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए बिहार में अबतक का सबसे बड़ा जनादेश हासिल करेगा।

