

पूर्णिया-11 सितम्बर(राजेश कुमार झा)जिले के रुपौली प्रखंड के 30 गांव में बाढ़ ने जो तबाही मचाई है.उससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.जिसमें एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए है.जिला प्रशासन सभी बाढ़ पीड़ितों लिए दिन-रात एक कर दिए है.आपदा प्रबंधन पूर्णिया ने सभी बाढ़ पीड़ितों की सुविधा के लिए एवं भोजन,पानी,मेडिकल से लेकर सभी तरह की व्यवस्था की है.पूरे रुपौली प्रखंड के बाढ़ पीड़ितों से प्रभावित लोगों के लिए सात सामुदायिक किचन की व्यवस्था कर रखी है.जिसमें दोनों वक्त सभी प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रखी है.बाढ़ पीड़ितों ने बिफोरप्रिंट डिजिटल से बात करते हुए बताए कि सर इसे सिर्फ सामुदायिक किचन मत कहिये.ये तो हमलोगों के लिए एक अमृत किचन है. कम से कम दो वक्त का भोजन तो मिल रहा है. इसके अलावे सुखा राशन भी दिया जा रहा है.
बाढ़ एवं जलजमाव क्षेत्रों में जिला प्रशासन मुस्तैद;-
जिलाधिकारी के निर्देश पर युद्धस्तर पर जारी है राहत एवं बचाव कार्य:-
गंगा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि और कारी कोशी के बैक वाटर के कारण रूपौली अंचल के लगभग 30 गांव प्रभावित हुए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी पूर्णिया अंशुल कुमार के दिशा-निर्देशन में प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
वरीय अधिकारियों की टीम लगातार ग्राउंड जीरो पर तैनात रहकर स्थिति का जायजा ले रही है।
राहत एवं बचाव कार्यों का विवरण:—-
:-नाव परिचालन:- जलमग्न क्षेत्रों में आवागमन और रसद आपूर्ति के लिए 4 सरकारी एवं 16 अधिग्रहित नावें लगातार चलाई जा रही हैं।
:- सामुदायिक रसोई:- पीड़ितों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने हेतु रूपौली अंचल में 7 सामुदायिक रसोई केंद्र पूरी तरह सक्रिय हैं। सामुदायिक रसोई में दिनांक 10-09-2026 तक 9446 व्यक्तियों ने भोजन किया
:- चिकित्सा सेवा एवं बोट एंबुलेंस:- प्रभावितों के इलाज के लिए 12 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 1 बोट एंबुलेंस तैनात की गई है।
अब तक लगभग 4,550 मरीजों का उपचार किया जा चुका है तथा जलजनित बीमारियों से बचाव हेतु 5,300 हैलोजन टैबलेट्स बांटी गई हैं।
:- पशु संरक्षण एवं चारा: मवेशियों की देखरेख के लिए 3 विशेष पशु चिकित्सा शिविरों के माध्यम से 1,266 पशुओं का इलाज किया गया है। इसके साथ ही 273.45 क्विंटल पशुचारा वितरित किया गया है।
:- आश्रय व्यवस्था:-प्रभावित परिवारों को मौसम की मार से बचाने के लिए 900 से अधिक पॉलीथीन शीट्स का वितरण किया गया है।
:- पेयजल एवं स्वच्छता:- पीएचईडी (PHED) द्वारा चापाकलों की मरम्मत, 2 टैंकरों से शुद्ध पेयजल आपूर्ति और 16 अस्थायी शौचालयों का निर्माण कराया गया है।
24×7 आपातकालीन नियंत्रण कक्ष सक्रिय
आपात स्थिति से निपटने और त्वरित समन्वय हेतु जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) 24 घंटे कार्यरत है।
नागरिक किसी भी सहायता या सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबरों 06454-242319 / 242317 / 242320 या ईमेल deoc-purnea.bih@nic.in पर संपर्क कर सकते हैं।
प्रशासन की अपील:-
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे तेज बहाव और जलमग्न क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।
















