पटना, 16 दिसम्बर (पटना डेस्क) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम का औपचारिक ऐलान कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से शुरू हुआ सुशासन और न्याय के साथ विकास का सफर अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के लक्ष्यों की प्राप्ति के बाद बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करना सरकार का लक्ष्य है।

सात निश्चय-3 का पहला और सबसे अहम संकल्प ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है। महिला सशक्तिकरण को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार की सहायता राशि को बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक करने की घोषणा की गई है। जाति आधारित गणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को भी रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा।दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ है, जिसके तहत बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने की तैयारी है। सरकार अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य लेकर चल रही है।तीसरे निश्चय ‘कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि’ के तहत कृषि रोड मैप, मखाना, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जाएगा।शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, पर्यटन, खेल और सुशासन से जुड़े अन्य निश्चयों के जरिए राज्य के समग्र विकास की रूपरेखा तय की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘सात निश्चय-3’ बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रोडमैप है।

