
पटना, 19 फरवरी (अविनाश कुमार) कहते हैं इंसान जहां भी चला जाए, उसकी जड़ें अपनी मिट्टी से जुड़ी रहती हैं। ऐसा ही अद्भुत नजारा बिहार के पटना जिले के अथमलगोला प्रखंड स्थित रूपस गांव में देखने को मिला, जब चेक गणराज्य से आई बेटी ‘मिशेल’ ने अपने विदेशी जीवनसाथी ‘बैलेस्टिक’ संग हिंदू रीति-रिवाज से दोबारा विवाह रचाया।मिशेल का परिवार वर्षों पहले चेक गणराज्य में बस गया था, जहां उनका जन्म और पालन-पोषण हुआ।

वर्ष 2022 में दोनों की शादी यूरोपीय परंपरा के अनुसार वहीं संपन्न हुई थी। लेकिन अपनी जड़ों से जुड़ाव ने मिशेल को वापस पैतृक गांव खींच लाया। उनकी इच्छा थी कि वह अपने गांव रूपस में वैदिक मंत्रोच्चार और परिजनों की मौजूदगी में हिंदू धर्म के अनुसार विवाह करें।लाल जोड़े में सजी मिशेल, हाथों में गहरी मेहंदी और पैरों में महावर लगाए जब मंडप में पहुंचीं, तो पूरा गांव भावुक हो उठा। विदेशी दूल्हा बैलेस्टिक भी पूरी तरह भारतीय रंग में रंगा नजर आया। अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर उसने सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।

शंखध्वनि, वैदिक मंत्र और शहनाई की गूंज से माहौल भक्तिमय और उत्सवी बन गया।आसपास के गांवों से उमड़ी भीड़ इस सांस्कृतिक संगम की साक्षी बनी। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार किसी विदेशी दूल्हे को गांव की परंपराओं को इतनी श्रद्धा से अपनाते देखा गया। यह विवाह परंपरा और आधुनिकता के सुंदर मेल की मिसाल बन गया।

