पटना, 17 अक्तूबर (पटना डेस्क) बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। शाह ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट कहा कि वे तय नहीं करेंगे कि चुनाव के बाद एनडीए का मुख्यमंत्री कौन होगा।

इस बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा और जदयू पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह साफ हो गया है कि नीतीश कुमार अगली बार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि अमित शाह ने खुद ही नीतीश को साइडलाइन कर दिया है।
वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एनडीए में सभी दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और चुनाव बाद विधायक दल के नेता का निर्णय सर्वसम्मति से लिया जाएगा।
अमित शाह ने अपने बयान में यह जरूर जोड़ा कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ रहा है और भाजपा को उनके नेतृत्व पर भरोसा है। लेकिन साथ ही यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला चुनाव के बाद विधायक दल की बैठक में होगा।
शाह के इस बयान से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर एनडीए में स्थिति अभी धुंधली है, जिससे सहयोगी दलों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और गरमाहट ला सकता है।

