पूर्णिया, 15 सितंबर (राजेश कुमार झा) आज दिनांक 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल को तकरीबन 36 हजार करोड़ की सौगात दी है. जिससे पूरे सीमांचल में विकास की नई लहर दिखाई देगी.आज पूरा सीमांचल वासी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता को सलाम करता है.

लेकिन इस दूरदर्शिता के पीछे एनडीए का कोई राजनीतिक स्वार्थ तो नहीं. सवाल आखिर ये चीजें पिछले 10 सालों में प्रधानमंत्री को क्यों नहीं दिखी.बताते चलें कि इस बार का विधानसभा चुनाव कई मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है.इस बार एनडीए एवं महागठबंधन के बीच आर या पार का चुनावी संघर्ष होने वाला है. इसको लेकर एनडीए हर कीमत पर बिहार के सत्ता की बागडोर अपने हाथों में लेना चाहेंगे.लेकिन दूसरी तरफ महागठबंधन भी हर हाल में इस विधानसभा चुनाव में बिहार के सत्ता की बागडोर लेना चाहेंगे.बताते चलें कि बिहार विधानसभा चुनाव से महज एक महीने पहले प्रधानमंत्री जी पूर्णिया आगमन कई मामलों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.कई राजनीतिक पंडित इसे अपने अपने अगल अंदाज में देखते है.बताते चलें कि पूरे सीमांचल में विधानसभा की कुल 24 सीटें है.जिनमें सिर्फ 9 सीटें ही एनडीए के खाते में है.जबकि महागठबंधन को एनडीए से एक सीट ज्यादा यानि 10 सीटें मिली है और AIMIM को 5 सीटें मिली है.जो बाद में चार सीटें राजद में शामिल हुई.इस बार एनडीए पूरे सीमांचल में एक ऐसा ध्रुवीकरण बनाना चाह रही है कि सीमांचल की अधिक से अधिक सीटें एनडीए के खाते में जाएं.

