पटना, 2 सितम्बर (सेंट्रल डेस्क) पिछले दो दशक से सीवान में समपार फाटक राहगीरों के लिए समस्या बना हुआ था।इसको लेकर समपारों पर संरक्षा सुदृढ़ करने तथा सड़क उपयोगकर्ताओं के आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से समपारों के स्थान पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) तथा सब-वे के निर्माण का क्रम जारी है। इसी क्रम में, सीवान जिले के सीवान-जीरादेई खंड पर समपार संख्या-93 (किमी. 388/8-9) पर प्रस्तावित 4 लेन रोड ओवर ब्रिज का निर्माण परियोजना को रेल मंत्रालय से मंजूरी मिली है। इस रोड ओवर ब्रिज का निर्माण रू. 101.2467 करोड़ की लागत से किया जाएगा। समपार संख्या-93 पर 4 लेन रोड ओवर ब्रिज के साथ रू. 6.12 करोड़ की लागत से स्थानीय जनता की सुविधा के लिये लिमिटेड हाइट सब-वे (अंडरपास) का भी निर्माण होगा। बता दें किभारतीय रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास,विस्तार व सुदृढ़ीकरण का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।

गोरखपुर-छपरा दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत खंड पर स्थित समपार संख्या-93 व्यस्ततम समपार है। इस पर ट्रेन व्हीकल यूनिट (टीवीयू) 3,73,326 के उच्च घनत्व एवं जनआकांक्षाओं को देखते हुये इस समपार पर रोड ओवर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह समपार मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड पर स्थित है, इस पर स्वीकृत रोड ओवर ब्रिज का निर्माण हो जाने पर सड़क मार्ग से सीवान से सिसवन होते हुये मैरवा जाने में काफी सुविधा होगी। महत्वपूर्ण रोड होने के कारण समपार फाटक बन्द होने पर जाम लग जाता है,ऐसे में 4 लेन रोड ओवर ब्रिज तथा रोड अंडर ब्रिज का कार्य स्वीकृत हो जाने से सड़क उपयोगकर्ताओं को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही आवागमन सुगम के साथ समय की बचत होगी। इस रोड ओवर ब्रिज के बन जाने से नगर में निर्बाध सड़क परिवहन हो सकेगा। इसके साथ ही समपार पर कार्यरत रेल कर्मचारियों को अनुरक्षण हेतु अन्यत्र लगाया जा सकेगा तथा ट्रेनों के समय पालन एवं संरक्षा में सुधार होगा।

