
गोपालगंज, 22 अक्तूबर (ऊषा मिश्रा) विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के तहत पहले दिन जिले में पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को जिले के भोरे विधानसभा के कटेया स्थित खुरहुरिया हाई स्कूल के मैदान व मांझा हाई स्कूल मैदान विशाल जनसभा को संबोधित किया। वे जनसभा को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “हमलोगों ने काम किया है। जब 2005 में बिहार हमको मिला था, उस समय ना सड़क थी, ना इलाज की सुविधा, ना शिक्षा की व्यवस्था। विधि-व्यवस्था के नाम पर तो कुछ था ही नहीं।
उनके कार्यकाल को सुधारने में हमकों 20 वर्ष लग गए। हमने सभी जिलों में मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज दे रहे हैं। इसमें लगभग 15 से ऊपर जिलों में काम पूरा कर लिया गया है। शेष अभी 27 अन्य जिलों में देने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार में गांव-गांव तक सड़क पहुंच गई है, बिजली हर घर में है, स्कूल-कॉलेजों की स्थिति सुधरी है और स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। 125 यूनिट फ्री बिजली रोजगार उद्यमियों महिलाओं को सहयोग सहित सबके लिए काम किया है।उन्होंने जनता से राज्य के विकास के लिए एक बार फिर अपनी सरकार को समर्थन देने की अपील की।
वे खुरहुरिया उच्च विद्यालय के मंच से शिक्षा मंत्री व भोरे के प्रत्याशी सुनील कुमार को हथुआ के प्रत्याशी रामसेवक सिंह व कुचायकोट के प्रत्याशी अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय व मांझा के मंच से मंजीत कुमार सिंह व बैकुंठपुर के प्रत्याशी मिथलेश तिवारी को मंच से माला पहनाकर कर जनता से आशीर्वाद देने की अपील की। राजद पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि “अब उन लोगों के चक्कर में नहीं रहना है। उन्होंने अपने 15 साल के शासन में बिहार को 50 साल पीछे धकेल दिया। जब मैं राज्य की कुर्सी सांभली थी तो उस समय मात्र 6 मेडिकल कॉलेज था। उसके बाद 12 फिर सभी लगभग 27 जिलों में बनवाया जा रहा है। 10 लाख युवाओं को नौकर दी गई है। अब 40 लाख को रोजगार दिया गया है। अब आगे 1 करोड़ को नौकरी व रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। अब दूर के किसी जिले से लोग 5 घन्टे में राजधानी पहुंच रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब विकास चाहती है,और यही हमारी सरकार की पहचान रही है। मंच से जदयू नेता संजय झा व सूबे के भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, सांसद आलोक कुमार सुमन,एमएलसी राजीव कुमार राय उर्फ गप्पू सिंह सहित पूर्वी चंपारण व पश्चिमी चंपारण के एनडीए नेता मौजूद थे।

