
पटना, 20 फरवरी (अविनाश कुमार) बिहार में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी पूरी हो गई है। राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हर प्रखंड में एक-एक आदर्श माध्यमिक विद्यालय (मॉडल स्कूल) खोलने की घोषणा की है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन स्कूलों में कक्षा 9 की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। नामांकन के लिए 11 मार्च को प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी और सफल छात्रों को मेरिट सूची के आधार पर दाखिला मिलेगा।

सरकार के निर्देश पर State Council of Educational Research and Training (SCERT) ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी है। पहले यह तिथि 15 फरवरी थी, लेकिन कम समय के कारण कई छात्र आवेदन से वंचित रह जा रहे थे। अब छात्र ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।राज्य के सभी 534 प्रखंडों में खुलने वाले इन मॉडल स्कूलों का उद्देश्य कक्षा 9 से ही विद्यार्थियों को NEET, JEE, ओलंपियाड और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की सुनियोजित तैयारी कराना है।

इससे ग्रामीण और ब्लॉक स्तर के छात्र अपने ही क्षेत्र में रहकर उच्च स्तरीय कोचिंग जैसी सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।इन स्कूलों में अनुभवी शिक्षक और विषय विशेषज्ञ पढ़ाएंगे। स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लाइब्रेरी और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की व्यवस्था होगी। नियमित टेस्ट सीरीज, अचीवमेंट एनालिसिस, डाउट रेजोल्यूशन सेशन और व्यक्तिगत करियर काउंसिलिंग भी दी जाएगी।सरकार का दावा है कि इस पहल से ग्रामीण छात्रों को महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की सशक्त तैयारी एक ही छत के नीचे मिल सकेगी।

