पटना, 19 नवम्बर (पटना डेस्क) हाजीपुर में शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रेलवे निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ करते हुए उप मुख्य अभियंता (डिप्टी चीफ इंजीनियर) आलोक कुमार को एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। हाजीपुर जंक्शन परिसर स्थित कार्यालय में हुई इस अचानक कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया।

CBI की 12 सदस्यीय टीम सुबह से ही मौके पर पहुंच गई थी। अधिकारियों के वाहन जैसे ही निर्माण विभाग के कार्यालय के सामने रुके, कर्मचारियों में हलचल शुरू हो गई। टीम सीधे दूसरी मंजिल स्थित उपमुख्य अभियंता के कक्ष में पहुंची और सभी को वहीं नियंत्रित कर लिया। तलाशी के दौरान पेपर में लपेटकर रखा एक करोड़ से अधिक नकद बरामद किया गया, जिसे गिनने के लिए नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी।

जांच एजेंसी ने इस मामले में इंजीनियर आलोक कुमार, उनके क्लर्क आलोक दास, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी माणिक दास और दो ठेकेदार कर्मियों को गिरफ्तार किया है। कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज भी सीज किए गए हैं। CBI के अनुसार निजी ठेकेदार गोविंद भुल्लर, सूरज प्रसाद और राजा के साथ मिलीभगत कर गलत बिलों को पास कराया गया, मेजरमेंट बुक में हेरफेर की गई और खराब निर्माण सामग्री को नजरअंदाज कर ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जिससे रेलवे को वित्तीय नुकसान हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, CBI को सूचना मिली थी कि 15 नवंबर को गोविंद भुल्लर की ओर से रिश्वत की बड़ी रकम हाजीपुर लाई जाने वाली है। सूरज ने दो अलग-अलग स्थानों से 50 लाख और 42 लाख रुपये इकट्ठे किए थे। पुख्ता जानकारी के आधार पर ही यह कार्रवाई की गई। बताया जाता है कि एजेंसी के अधिकारी अभियुक्त इंजीनियर की तस्वीर भी साथ लाए थे। रात करीब 12 बजे ठेकेदार समेत अन्य संबंधित लोगों को भी कार्यालय बुलाकर पूछताछ की गई।

