समस्तीपुर, 19 नवम्बर (मोहम्मद जमशेद) बिहार में अप्रत्याशित चुनाव परिणाम के बाद समस्तीपुर के पूर्व विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने बिहार में बदलाव का मन बनाया था, लेकिन चुनाव आयोग की भूमिका और सरकार की नीतियों के कारण परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं आए।

शाहीन ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर लोकतंत्र को खरीदा गया। उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा और आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार ने महिलाओं के खातों में 10-10 हज़ार रुपये जमा किए, जो लोकतंत्र और आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। उनका कहना था कि चुनाव आयोग की चुप्पी के कारण ऐसा नतीजा सामने आया।
पूर्व विधायक ने समस्तीपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने पूरे मन, समर्पण और ईमानदारी के साथ क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर का विकास उनका प्रमुख लक्ष्य रहा और जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़ा रहे। शाहीन ने 82 हजार मतदाताओं के विश्वास को जीवन भर याद रखने का भरोसा दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही इस बार चुनाव हार गए, लेकिन जनता का प्रेम, सम्मान और अपनापन उनकी सबसे बड़ी जीत है। शाहीन ने कहा कि समस्तीपुर विधानसभा का स्वाभिमान, सम्मान और प्रगति हमेशा उनके प्रयासों का केंद्र रहेगा।
शाहीन के बयान ने बिहार में चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है, वहीं उनके समर्थकों ने उनकी ईमानदारी और जनसेवा को सराहा।

