हैदराबाद, तेलंगाना, 19 सितम्बर (अंकिता राय) शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और अव्यवस्थित यातायात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से पहली बार “हैदराबाद ट्रैफिक समिट” का आयोजन जलविहार, नेकलेस रोड पर किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ट्रैफिक पुलिस, GHMC, शहरी योजनाकार, सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ और नागरिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
सड़क सुरक्षा: ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर तत्काल सुधार
स्मार्ट जंक्शन प्रबंधन: एआई आधारित ट्रैफिक सिग्नलों से भीड़ कम करने की योजना।
पैदल यात्रियों की सुविधा: सुरक्षित फुटपाथ, अंडरपास और ज़ेब्रा क्रॉसिंग पर ज़ोर।
जनभागीदारी: ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान।
सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि, “सड़क डिज़ाइन से लेकर नागरिकों की जागरूकता तक, सब पर देना होगा ध्यान। यातायात नियंत्रण सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज का साझा प्रयास जरूरी है।”
उन्होंने आगाह किया कि यदि स्मार्ट तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जल्द नहीं अपनाया गया, तो हैदराबाद का ट्रैफिक निकट भविष्य में विकराल रूप ले सकता ह
प्रमुख चौराहों पर CCTV आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग की शुरुआत
GHMC और ट्रैफिक विभाग मिलकर “सड़क सुरक्षा रोडमैप 2030” तैयार करेंगे।
यातायात उल्लंघन पर सख्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई लागू होगी।
पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए अलग लेन का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से पहनें, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन न चलाएँ और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें।

