
पटना, 19 फरवरी अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में गुरुवार को बड़ा भूचाल आया, जब पटना हाईकोर्ट ने बिहार विधानसभा के 42 विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इनमें विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा, विधायक चेतन आनंद और गोह से राजद विधायक अमरेंद्र प्रसाद समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

इन सभी पर चुनाव के दौरान वोट चोरी, अनियमितता और नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में गलत या अधूरी जानकारी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए चुनाव परिणाम को चुनौती दी थी।गुरुवार को प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने आरोपों को गंभीर मानते हुए सभी विधायकों को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि नामांकन के समय कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया या गलत विवरण प्रस्तुत किया गया।

अब अदालत में दाखिल जवाब, साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर आगे की सुनवाई होगी।14 नवंबर 2025 को घोषित चुनाव परिणाम में NDA को प्रचंड बहुमत मिला था। हालांकि, अब इन याचिकाओं के चलते कई विधायकों की सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।

