नालंदा, 03 दिसंबर (अविनाश पांडेय) दानापुर मंडल में संचालित हो रहा “लाल गाड़ी टिकट जांच अभियान” लगातार यात्रियों पर सख्त नकेल कसता जा रहा है। पटना–डीडीयू, पटना–झाझा, पटना–गया, बख्तियारपुर–राजगीर और किउल–नवादा समेत मंडल के सभी महत्वपूर्ण रेल खंडों पर रोजाना चलाए जा रहे इस विशेष अभियान ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वालों में खौफ पैदा कर दिया है। ट्रेनों और स्टेशनों पर लाल वर्दीधारी जांच टीम को देखते ही यात्रियों में अफरा–तफरी का माहौल बन जाता है।

अभियान का असर इतना व्यापक है कि कई स्टेशनों पर टिकट बिक्री में 200 से 400 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह स्पष्ट संकेत है कि लाल गाड़ी अभियान ने यात्रियों को न केवल जागरूक किया है, बल्कि अनुशासन भी बढ़ाया है। अब यात्री यात्रा से पूर्व टिकट काउंटर पर लाइन में नजर आ रहे हैं, जिससे रेलवे राजस्व में भी बड़ी बढ़त दर्ज हो रही है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल माह से अब तक 127 लाल गाड़ी अभियान चलाए जा चुके हैं, जिनमें 52,636 बिना टिकट या अनियमित टिकट वाले यात्रियों को पकड़ा गया है। इनसे कुल 2.05 करोड़ रुपये दंड स्वरूप वसूले गए हैं—जो दानापुर मंडल की कड़ाई और प्रभावी कार्यशैली का साफ प्रमाण है।मंडल प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है— बिना टिकट यात्रा न करें वैध टिकट के साथ ही उचित श्रेणी में यात्रा करें प्रस्थान से पहले टिकट लेना अनिवार्य है। मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिषेक कुमार तिवारी और सहायक वाणिज्य प्रबंधक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में यह अभियान निरंतर जारी है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी तथा बिना टिकट यात्रा पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

