नई दिल्ली, 7 अक्तूबर (अशोक “अश्क”) 90 के दशक में अपनी दमदार कॉमिक टाइमिंग, डांसिंग स्किल्स और दिलकश मुस्कान से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा ने फिल्म इंडस्ट्री को कई सुपरहिट फिल्में दीं। गोविंदा का करियर 1986 में शुरू हुआ और उन्होंने जल्द ही खुद को 90 और 2000 के दशक के सबसे सफल और लोकप्रिय कलाकारों में शुमार कर लिया। ‘हीरो नंबर वन’, ‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर वन’ से लेकर ‘भागमभाग’ और ‘पार्टनर’ तक, गोविंदा की फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया बल्कि उन्हें कॉमेडी किंग का खिताब भी दिलाया।
दिलचस्प बात यह है कि गोविंदा की कई सुपरहिट फिल्में साउथ इंडियन सिनेमा की रीमेक थीं। इन फिल्मों ने साबित किया कि अगर स्क्रिप्ट दमदार हो और कलाकार का टैलेंट निखर कर सामने आए, तो रीमेक भी ओरिजिनल से कम नहीं होता।

- आंखें (1993)
डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस एक्शन-कॉमेडी फिल्म में गोविंदा और चंकी पांडे की जोड़ी खूब पसंद की गई थी। फिल्म में कादर खान, सदाशिव अमरापुरकर जैसे सितारे सहायक भूमिकाओं में थे। यह फिल्म 1977 की कन्नड़ फिल्म ‘किट्टू पुट्टू’ की रीमेक थी, जो खुद 1967 की तमिल फिल्म और 1973 की हिंदी फिल्म ‘दो फूल’ से प्रेरित थी। ‘आंखें’ 1993 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बनी।

- राजा बाबू (1994)
फिर एक बार गोविंदा-डेविड धवन की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया। फिल्म में करिश्मा कपूर, शक्ति कपूर, अरुणा ईरानी और कादर खान जैसे सितारे थे। यह फिल्म 1992 की तमिल फिल्म ‘रसुकुट्टी’ पर आधारित थी। राजा बाबू के गाने और गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग आज भी याद की जाती है।

- कुली नंबर वन (1995)
करिश्मा कपूर के साथ गोविंदा की जोड़ी ने इस फिल्म में खूब धमाल मचाया। आनंद-मिलिंद के संगीत और समीर के गीतों ने फिल्म को म्यूजिकल हिट बना दिया। यह फिल्म 1993 की तमिल मूवी ‘चिन्ना मैपिल्लाई’ का रीमेक थी और 90 के दशक की सबसे आइकॉनिक कॉमेडी फिल्मों में गिनी जाती है।

- साजन चले ससुराल (1996)
गोविंदा, करिश्मा कपूर और तब्बू स्टारर इस फिल्म का संगीत भी सुपरहिट रहा। फिल्म के गाने ‘दिल जाने जिगर तुझपे निसार किया है’ जैसे गाने आज भी शादियों में सुनाई देते हैं। यह फिल्म 1992 की तेलुगू फिल्म ‘अल्लारी मोगुडु’ का रीमेक थी।

- हसीना मान जाएगी (1999)
डेविड धवन, गोविंदा और करिश्मा कपूर की यह फिल्म भी दर्शकों को खूब पसंद आई। इसमें संजय दत्त के साथ गोविंदा की केमिस्ट्री और परेश रावल का हास्य अभिनय फिल्म की जान थे। फिल्म 1966 की हिंदी फिल्म ‘प्यार किए जा’ से प्रेरित थी, जो खुद तमिल फिल्म ‘काधालिक्का नेरामिल्लाई’ की रीमेक थी।
गोविंदा की ये फिल्में इस बात का प्रमाण हैं कि एक अच्छा कलाकार और निर्देशक मिलकर किसी भी कहानी को नए रंग में ढाल सकते हैं। आज भी जब इन फिल्मों के गाने या डायलॉग सुनाई देते हैं, तो 90 का वो सुनहरा दौर याद आ जाता है।

