
पटना, 08 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी तस्वीर साफ हो गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन नहीं कराया जाएगा। इसका मतलब है कि मौजूदा वार्ड और पंचायत सीमाओं पर ही चुनाव होंगे। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि बड़े स्तर पर वार्डों में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा, हालांकि कुछ पंचायतों के नगर निकायों में शामिल होने के कारण आंशिक परिवर्तन संभव है।

मंत्री ने परिसीमन न होने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में कोविड महामारी के कारण जनगणना नहीं हो सकी थी, जिससे सरकार के पास ताजा जनसंख्या आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में परिसीमन कराना व्यावहारिक नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पंचायत चुनाव नए आरक्षण रोस्टर पर कराए जाएंगे।मौजूदा आरक्षण रोस्टर के दस वर्ष पूरे हो चुके हैं, इसलिए नियमों के तहत इस बार नया रोस्टर लागू होगा।

इससे कई सीटों की स्थिति बदल सकती है। जो सीटें अब तक सामान्य थीं, वे आरक्षित हो सकती हैं और आरक्षित सीटें सामान्य वर्ग में जा सकती हैं। आरक्षण का निर्धारण अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या के अनुपात में होगा।राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि दिसंबर 2026 से पहले पंचायत चुनाव करा दिए जाएंगे। वर्ष 2026 में पहली बार पंचायत चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल होगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।

