नई दिल्ली (अशोक “अश्क”) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर जनसुनवाई के दौरान हुए हमले के बाद गुरुवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने उनकी सुरक्षा की कमान संभाल ली है। अब रेखा गुप्ता को Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है, जिसके तहत उन्हें विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो हर समय सुरक्षा प्रदान करेंगे।

हमले के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और CRPF की वीआईपी सुरक्षा इकाई को जिम्मेदारी सौंपी। यह वही यूनिट है, जो पहले से ही गृह मंत्री अमित शाह, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसी प्रमुख हस्तियों की सुरक्षा में तैनात है। अब सीएम रेखा गुप्ता के लिए 22 सशस्त्र जवानों की विशेष टुकड़ी लगाई गई है, जिनमें से चार कमांडो की क्लोज प्रोटेक्शन टीम हर समय उनके साथ रहेगी। इन कमांडो को वीआईपी सुरक्षा के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है और वे किसी भी खतरे को चंद सेकंड में निष्क्रिय करने में सक्षम हैं।
CRPF की तैनाती के साथ-साथ सीएम के काफिले में अब हाईटेक सुरक्षा सुविधाओं से लैस गाड़ियां भी जोड़ी गई हैं। सिविल लाइंस स्थित आवास पर 24 घंटे दो सशस्त्र कमांडो शिफ्ट में तैनात रहेंगे। पहले सीएम की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के पास थी, लेकिन अब उसकी भूमिका बाहरी घेरे तक सीमित कर दी गई है। सीएम के आवास, कार्यालय और सार्वजनिक कार्यक्रमों की सुरक्षा का जिम्मा दिल्ली पुलिस संभालेगी, जबकि व्यक्तिगत सुरक्षा की जिम्मेदारी CRPF के पास होगी।
हर आगंतुक की अब CRPF और दिल्ली पुलिस मिलकर तलाशी लेंगी ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। पिछले दो दिनों में केंद्र और राज्य की एजेंसियों ने मुख्यमंत्री आवास और उसके आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। रेखा गुप्ता का आधिकारिक आवास 8, राज निवास मार्ग पर स्थित है, जहां चार बंगलों का एक साझा परिसर है। इन चारों बंगलों का प्रवेश और निकास द्वार एक ही है, जिससे सुरक्षा में बड़ी चुनौती उत्पन्न होती है।
इसके अलावा, बंगलों को घेरने वाली दीवारें काफी नीची हैं और पड़ोसी इमारतों से अनधिकृत घुसपैठ की आशंका भी बनी रहती है। सुरक्षा समीक्षा में सुझाव दिया गया है कि दीवारों की ऊंचाई बढ़ाई जाए, कांटेदार तार लगाए जाएं और नए सुरक्षा चौकियां स्थापित की जाएं। साथ ही, साझा सर्वेंट क्वार्टर को अलग करने की भी सिफारिश की गई है, ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की पहुंच को रोका जा सके।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि आमतौर पर मुख्यमंत्रियों को टाइप 8 बंगला दिया जाता है, जो अधिक सुरक्षित और बड़ा होता है। लेकिन रेखा गुप्ता को टाइप 7 बंगला मिला है, जिससे सुरक्षा बलों को तैनाती में जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, जनसुनवाई का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन अब इसे CRPF की सलाह पर अधिक सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र को जल्द ही विस्तृत सुरक्षा रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने की सिफारिशें होंगी।

