समस्तीपुर (राजन कुमार) समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर स्थित खुदीराम बोस पूसा स्टेशन के समीप रेलवे गुमटी संख्या 66 पर जल्द ही रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण शुरू होने जा रहा है। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्षों से चली आ रही इस मांग को आखिरकार रेल मंत्रालय ने मान लिया है। फिलहाल आरओबी निर्माण के लिए मिट्टी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस मार्ग की महत्ता को देखते हुए लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा आरओबी की मांग की जा रही थी। राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के अलावा क्षेत्र की आर्थिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिहाज से भी यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही वजह रही कि इस बार सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और निर्माण प्रक्रिया की पहल कर दी गई।
पूसा प्रखंड का ओईनी बाजार जिले का सबसे बड़ा आम एवं सब्जी निर्यातक केंद्र है। यहां की सब्जी मंडी से प्रतिदिन सैकड़ों लदे वाहन दरभंगा, पटना, मुजफ्फरपुर, सहरसा और कटिहार जैसे जिलों के लिए रवाना होते हैं। इस मंडी से कई जिलों के थोक व्यापारी सब्जियों की खरीददारी करते हैं। इसके अतिरिक्त, इस गुमटी के दोनों ओर दर्जनों स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थान भी स्थित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं।
हालांकि, मौजूदा समय में गुमटी संख्या 66 पर दिनभर में लगभग 160 से अधिक यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिसके चलते यह गुमटी करीब 18 घंटे तक बंद रहती है। इसके कारण इलाके में जाम की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चे, शिक्षक, नौकरीपेशा लोग और विशेषकर एंबुलेंस से अस्पताल जा रहे मरीजों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कार्यों पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।
स्थानीय युवाओं और समाजसेवियों ने इस समस्या को लेकर कई बार आवाज उठाई थी। समाजसेवी डॉ. नीरज कुमार मिश्रा एवं उनके साथियों ने “पुल नहीं तो वोट नहीं” अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया था, जिसमें हजारों स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया था। ये हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सांसद, विधायक एवं संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए थे।
हाल ही में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कर्पूरीग्राम दौरे के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और सांसद सांभवी ने खुदीराम बोस पूसा स्थित समपार पर आरओबी निर्माण की आवश्यकता को दोहराया था। इसके बाद रेल मंत्रालय ने इस दिशा में गंभीरता दिखाते हुए आरंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अब जल्द ही इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या का समाधान होगा और उन्हें जाम जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी।

