
पटना, 21 जनवरी (पटना डेस्क) बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल अब पूरी तरह रिफ्रेश मोड में आ गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पार्टी को दोबारा खड़ा करने के लिए बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राजद में अब पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया जाएगा। मौजूदा संगठन को भंग कर नए सिरे से नियुक्तियां होंगी और ऐसे चेहरों को आगे लाया जाएगा, जो जमीन से जुड़े हों और जनता के बीच पकड़ रखते हों।सूत्रों के मुताबिक मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल की कुर्सी खतरे में है।

गिरते स्वास्थ्य और चुनावी नतीजों की जिम्मेदारी को देखते हुए पार्टी किसी युवा और ऊर्जावान नेता को बिहार की कमान सौंप सकती है। 25 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगने की संभावना है। बताया जा रहा है कि नई कमिटी में सभी जाति और धर्म के प्रतिनिधित्व को तरजीह दी जाएगी, ताकि A to Z की राजनीति को और धार दी जा सके।चुनावी हार की समीक्षा में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने भितरघात करने वाले करीब 300 नेताओं की सूची तेजस्वी यादव को सौंपी है।

इनमें तीन दर्जन से अधिक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर पार्टी विरोधी गतिविधियां कीं। अब अनुशासन तोड़ने वाले आधा दर्जन कर्मचारियों और निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी तय मानी जा रही है।कार्यकर्ताओं से दूरी के आरोपों को तोड़ने के लिए तेजस्वी यादव अब खुद मोर्चा संभालेंगे। वे नियमित रूप से पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठकर न सिर्फ संगठन की निगरानी करेंगे, बल्कि कार्यकर्ताओं की समस्याएं भी सुनेंगे। राजद का दावा है कि 1 करोड़ 90 लाख मतदाताओं के भरोसे के साथ अब पार्टी सड़क से सदन तक और आक्रामक होगी।

