
बक्सर, 29 जनवरी (विक्रांत) जिला उर्दू भाषा कोषांग के तत्वावधान में बुधवार, 29 जनवरी 2026 को नगर भवन बक्सर में आयोजित उर्दू कार्यशाला, सेमिनार एवं मुशायरा गरिमामय और साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उर्दू भाषा, साहित्य और संस्कृति की खुशबू पूरे सभागार में महसूस की गई।

बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, साहित्य प्रेमी और शायरों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी बक्सर ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उर्दू गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनमोल धरोहर है और इसके संरक्षण व संवर्धन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुशायरा, सेमिनार और कार्यशालाएं उर्दू भाषा को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।

उप विकास आयुक्त बक्सर ने, जो स्वयं एक कवयित्री भी हैं, इस अवसर पर अपनी रचना को भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि उर्दू हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है, जिससे हम कभी अलग नहीं हो सकते।कार्यक्रम में विशेष कार्य पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्ता, वरीय उप समाहर्ता एवं प्रभारी पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे भाषा-संवर्धन की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।स्थानीय शायरों और वक्ताओं ने उर्दू की सामाजिक भूमिका पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला उर्दू भाषा कोषांग के कर्मियों, विशेषकर मो. अमानुल्लाह, उर्दू अनुवादक अलीयुन हैदरी समेत अन्य कर्मियों की अहम भूमिका रही। यह आयोजन उर्दू भाषा और तहज़ीब को सशक्त करने की दिशा में एक यादगार पहल बनकर उभरा।

