
भागलपुर,निज संवाददाता। पूर्वी बिहार को कोसी,सीमांचल और अंग क्षेत्र से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, सेतु के पिलर संख्या 17, 18 और 19 के चारों ओर बनी प्रोटेक्शन वॉल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है,जबकि एक पिलर का सुरक्षा घेरा पूरी तरह से गायब बताया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज नौ वर्षों के भीतर ही सेतु का एक्सपेंशन जॉइंट भी टूट गया है,जो निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पिलरों के चारों ओर बनी सुरक्षा दीवारें नदी के तेज बहाव और कटाव से बचाव के लिए बेहद जरूरी होती हैं। ऐसे में इनका क्षतिग्रस्त होना पुल की स्थिरता के लिए खतरे का संकेत माना जा रहा है। गंगा नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज धार के कारण कटाव की समस्या बनी रहती है, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं होने से हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सेतु भागलपुर समेत कई जिलों की जीवनरेखा है, जहां से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद इसकी निगरानी और रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से अविलंब जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

