
चार दरिंदों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी…महज तीन महीने के अंदर डगरूआ थानाक्षेत्र में गैंगरेप की दूसरी जघन्य वारदात…पढ़ें पूरी खबर

पूर्णिया:-21 मार्च(राजेश कुमार झा)प्यार का झांसा देकर एक 18 साल की युवती के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या कर फिर एसिड छिड़कर जला कर जमीन में गाड़ देने का एक ऐसा सनसनी मामला, जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे.बताते चलें कि पुलिस मुख्यालय से महज 12 किलोमीटर दूर डगरूआ थानाक्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी दर्दनाक घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया है. समाज में जहां बेटियों को एक अलग ही सम्मान और दर्जा दिया गया है.वहां इस तरह की दरिंदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए है.बताते चलें कि डगरूआ थानाक्षेत्र की 18 साल की मैट्रिक में पढ़ने वाली युवती के साथ चाय की दुकान चलाने वाला सचिन नाम के एक युवक के साथ प्यार हो गया.युवक ने उस भोलीभाली लड़की को प्यार का झांसा देकर मेला घूमने के लिए राजी कर कर लिया.लेकिन उस लड़के की मंशा तो कुछ और ही थी.सचिन अपने तीन दोस्तों के साथ उस भोलीभाली लड़की को अपने प्यार के जाल में फंसाकर मिला घूमने ले गया.मेला घूमने के बाद वो एक होटल में लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा.लेकिन लड़की राजी नहीं हुई.जब लड़की बिल्कुल भी राजी नहीं हुई तो सचिन और उसके तीनों दोस्तों ने मिलकर लड़की के साथ जबरदस्ती बारी-बारी कर रेप किया.जब लड़की ने कहा कि हम अपने मम्मी-पापा के पास शिकायत कर देंगे तो सचिन और उसके तीनों दोस्तों ने लड़की का गला दबाकर हत्या कर दिया.उसके बाद बगल के मकई खेत में जाकर उस लड़की के ऊपर एसिड डालकर जमीन में गाड़ दिया. इस बीच जब देर रात लड़की अपने घर नहीं लौटी तो परिजनों ने लड़की की खोजबीन शुरू की.जब कोई भी पता नहीं चला को अगले दिन 12 मार्च को लड़की की गुमशुदगी का मामला डगरूआ थाने में दर्ज हुआ.पुलिस ने भी इस मामले को सीरियस नहीं लिया. तकरीबन एक सप्ताह बीतने के बाद लड़की के परिजनों को इस बात की भनक लगी कि लड़की से कोई सचिन नाम का लड़का मिलता था.इस बात की सूचना जब पुलिस को लगी तो पुलिस ने सचिन का मोबाइल नंबर लेकर कॉल डिटेल्स खंगाला और सचिन के साथ कड़ाई से पूछताछ की तो सचिन ने सब कुछ सच-सच बता दिया.सचिन की निशानदेही पर पुलिस ने मकई खेत से लड़की का शव बरामद कर लिया.पुलिस ने लड़की के शव का पोस्टमार्टम के साथ डीएनए टेस्ट के लिए भी भेज दिया.

