
बिहार डेस्क 13 मई 2026। बिहार की नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में पहली फुल कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। बैठक में विकास योजनाओं, वित्तीय प्रस्तावों और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 19 अहम एजेंडों पर मुहर लगी। सरकार ने इस बैठक के जरिए साफ संकेत दिया कि आने वाले दिनों में विकास और सुशासन के एजेंडे पर तेजी से काम किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर लिया गया। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर कर्मचारियों के डीए में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया है। यह बढ़ा हुआ डीए 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा।सरकार के इस फैसले से लाखों राज्यकर्मियों और पेंशनधारकों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया। बिहार में बढ़ते अपराध और संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए पांच जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) के पद सृजित करने को मंजूरी दी गई। पूर्वी चंपारण,समस्तीपुर, वैशाली,मधुबनी और सीवान में अब अलग से ग्रामीण एसपी तैनात किए जाएंगे। इसके लिए पांच नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। सरकार का मानना है कि इन जिलों में अलग ग्रामीण पुलिस व्यवस्था से अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाने तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास को नई दिशा देना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
बैठक के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि नई सरकार आने वाले दिनों में कई और जनहितकारी योजनाओं तथा बड़े फैसलों की घोषणा कर सकती है। पहली कैबिनेट बैठक के फैसलों को नई सरकार के विकास रोडमैप की शुरुआती झलक माना जा रहा है।

