चेन्नई 29 अगस्त (अशोक “अश्क”) तमिलनाडु में राजनीतिक ज़मीन तलाश रही भारतीय जनता पार्टी के लिए हालिया सर्वे थोड़ी राहत लेकर आया है, लेकिन सत्ता की ओर उसका सफर अभी लंबा दिखाई दे रहा है। अगस्त 2025 के एक सर्वे के अनुसार, अगर आज लोकसभा चुनाव कराए जाएं तो भाजपा राज्य में तीन सीटें जीत सकती है। यह भले ही मामूली संख्या हो, लेकिन 2024 के आम चुनाव में भाजपा यहां खाता भी नहीं खोल पाई थी। ऐसे में यह बढ़त पार्टी के लिए उम्मीद की एक नई किरण के तौर पर देखी जा रही है।

सर्वे में बताया गया है कि भाजपा के वोट शेयर में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है। जहां 2024 में भाजपा को 18 प्रतिशत वोट मिले थे, वहीं अगस्त के इस सर्वे में उसे 37 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है। हालांकि, फरवरी 2025 के सर्वे में यह आंकड़ा 21 प्रतिशत था, जो दर्शाता है कि भाजपा को धीरे-धीरे लेकिन स्थिर रूप से समर्थन मिल रहा है।
दूसरी ओर, विपक्षी INDIA गठबंधन का वोट शेयर गिरता दिख रहा है। फरवरी में जहां गठबंधन का वोट शेयर 52 प्रतिशत था, वहीं अब यह घटकर 48 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि, अब भी डीएमके के नेतृत्व वाले इस गठबंधन को तमिलनाडु की 39 में से 36 सीटें मिलने का अनुमान है।
राज्य में यह सियासी बदलाव अभिनेता विजय की पार्टी तमिलग मक्कल काची (TVK) की एंट्री से भी जुड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की पार्टी DMK विरोधी वोटों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन इससे सीधा लाभ डीएमके को ही मिलने की संभावना है। वजह यह है कि अगर TVK, AIADMK के परंपरागत वोट बैंक में सेंधमारी करती है, तो वोटों का बंटवारा होगा और डीएमके को सीधी बढ़त मिल सकती है।
AIADMK और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर भी राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज़ हैं। यदि यह गठबंधन प्रभावी रूप से काम करता है, तो भाजपा को आगामी चुनावों में और बेहतर प्रदर्शन का मौका मिल सकता है। लेकिन अभी तक सर्वे के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके का दबदबा कायम है।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु में भाजपा को थोड़ी राहत तो मिली है, लेकिन राज्य की जमीनी राजनीति और गहरी क्षेत्रीय पहचान की वजह से उसे निर्णायक मुकाम तक पहुंचने में अभी वक्त लग सकता है।

