पटना, 29 अगस्त (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सियासी हलचल तेज कर दी है। नीतीश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत हर परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि सितंबर 2025 में सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए इस योजना की जानकारी दी और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक “महत्वपूर्ण एवं अभूतपूर्व” कदम बताया। उन्होंने लिखा, “2005 से ही महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। अब महिलाएं न केवल बिहार की प्रगति में भागीदार हैं, बल्कि अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत कर रही हैं।”
गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दे दी गई। योजना के तहत राज्य सरकार महिलाओं को उनकी पसंद के रोजगार की शुरुआत के लिए कुल 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करेगी। पहली किस्त के रूप में हर परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना है। इच्छुक महिलाओं से आवेदन लेने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। अनुमान है कि विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले यह राशि ट्रांसफर की जा सकती है, जिससे सरकार को महिलाओं का समर्थन मिल सके।
नीतीश कुमार ने बताया कि इस योजना की ज़िम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई है, जबकि ज़रूरत पड़ने पर नगर विकास एवं आवास विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। योजना के तहत महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के छह महीने बाद मूल्यांकन कर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जा सकेगी। हालांकि इस अतिरिक्त राशि के वितरण की प्रक्रिया और मापदंडों की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि गांवों से लेकर शहरों तक महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष हाट बाजार विकसित किए जाएंगे, जिससे उन्हें बाजार उपलब्ध कराया जा सके।
इस घोषणा को चुनावी साल में महिलाओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

