
टीएन मिश्रा/ राजेश झा आरा। चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। महापंचायत में दिवंगत भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं। सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि भरत भूषण तिवारी ने जीवनभर समाज, विशेषकर गंगा कटाव पीड़ित परिवारों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। कटाव प्रभावित लोगों को बसाने, उन्हें पानी,बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए उन्होंने लगातार आवाज उठाई। वक्ताओं ने कहा कि इसी संघर्ष के दौरान उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी,इसलिए उनके योगदान को स्थायी पहचान देने की आवश्यकता है। महापंचायत में सर्वसम्मति से मांग उठाई गई कि जवइनिया कटाव पीड़ितों को जिस स्थान पर बसाया जा रहा है,उस मोहल्ले का नाम ‘भरत तिवारी नगर’ रखा जाए। लोगों का कहना था कि इससे आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष,समाजसेवा और कटाव पीड़ितों के प्रति समर्पण को याद रख सकेंगी। वक्ताओं ने कहा कि भरत भूषण तिवारी का जीवन सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है। महापंचायत में शामिल लोगों ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से इस मांग पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। साथ ही भरत भूषण तिवारी के परिजनों को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। महापंचायत के दौरान लोगों ने कहा कि भरत भूषण तिवारी के सपनों को साकार करना और उनके संघर्षों को सम्मान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महापंचायत के दौरान लोगों ने कहा कि भरत भूषण तिवारी जवइनिया के कटाव पीड़ितों के हक के लिए लड़ने वाले भरत तिवारी नगर बसा कर उनके संघर्ष और सपनों को याद किया जा सकता है। महापंचायत की ओर से सरकार और प्रशासन से इस मामले में पहल करने की अपील की गई है। बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी कटाव पीड़ितों के हक में खास कर बसाव के लिए गड्ढे वाली जगह पर मिट्टी भरवाने को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से कोई पहल नही की जा रही थी। आरोप है कि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के बदले भरत भूषण तिवारी को अपमानित किया जा रहा था। बता दें कि बिलौटी के कुड़वा शिव मंदिर स्थित मैदान में आयोजित इस महापंचायत में लोगों की भीड़ जुटी थी। किसी के हाथ में तिरंगा था,तो किसी ने भरत भूषण तिवारी का फोटो लगा बैनर और पोस्टर ले रखा था। मुख्यमंत्री और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही थी। लोग शहीद भरत भूषण तिवारी अमर रहें के नारे लगा रहे थे।श्रद्धांजलि सभा पहुंचने के दौरान भरत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी भावुक हो गए। बार-बार बैनर पोस्टर की ओर देख उनकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। साथ ले जा रहे लोगों ने पानी पिलाया और आराम करने के लिए बोले। महापंचायत में बिहार,यूपी एमपी,हरियाणा व दिल्ली सहित कई प्रांतों के लोग शामिल हुए।
महापंचायत की प्रमुख मांगें
-दोषी व हत्याभियुक्त पुलिस अधिकारियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाये।
-गोली चलाने का आदेश देने वाले वरीय पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।
- मुठभेड़ के दौरान भरत भूषण तिवारी का जब्त मोबाइल वापस किया जाये।
-भरत तिवारी के परिजनों पर और जाम के दौरान दर्ज हुए केस को वापस लिया जाये।
-पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा राशि और एक सदस्य को सरक

