
टीएन मिश्रा ,गोपालगंज। गत 11 जून की रात हुई मुस्तफा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा पुलिस ने कर लिया। इस मामलें पुलिस ने दो सुपारी किलर को गिरफ्तार किया है। वही हत्या में प्रयुक्त चाकू कपड़ा मोबाइल आदि भी बरामद कर लिया है। एसपी विनय तिवारी ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि मृतक मुस्तफा ने दो लोगों की हत्या के लिए दो लाख की सुपारी जिन्हें दी थी उन्होंने ही मुस्तफा की हत्या कर दी। श्री तिवारी ने बताया कि कुचायकोट थाने के सिरसिया गांव निवासी मुस्तफा मियां पक्का अय्याश आदमी था। महिलाओं व लड़कियों को लालच देकर फंसाना उनके साथ यौन शोषण करना उसका पुराना पेशा था। वह गांव की एक गरीब महिला से अपना काम करवाता और उससे व उसकी बेटियों को आने हवस का शिकार बनाता रहा। उसकी बड़ी बेटी तो उसके डर से उसके घर आना जाना छोड़ दी। बाद में उसने उसकी छोटी बेटी को अपनी आगोश में ले लिया। उसका डरा धमकाकर व फुसलाकर लंबे समय तक यौन शोषण करता रहा। जिस दौरान उसे कई बार गर्भपात भी कराना पड़ा। इस बात की भनक जब लड़की के पिता को लगी तो उसने उसकी शादी तय कर दी। यह बात जब मुस्तफा को पता चला तो पहले उसने उसके पिता और लड़के को डराया धमकाया। बाद में उसने दोनों को रास्ते से हटाने के लिए विशम्भरपुर थाने के काला मटिहनिया गांव के लालबाबू यादव से संपर्क किया। जो मुस्तफा के मित्र है। लालबाबू ने शंभू यादव सहित दो अन्य लोगों के साथ मिलकर 2 लाख में हत्या की सुपारी ले ली। पैसे भी उन्हें मिल गए। लेकिन बाद में लालबाबू ने सारा बात अन्य साथियों को बताया तो मामला पलट गया और इन चारों ने मुस्तफा को विशम्भर पुर के अमवा विजयपुर चंवर में ले जाकर गला रेत कर हत्या कर दी। तथा शव और बाइक झाड़ियों में छिपा दी। जहां उसे सिरकटी शव मिलने के बाद एसपी द्वारा गठित टीम ने 12 जून से अनुसंधान शुरू किया। अंतत 12 दिनों के भीतर ही पूरे हत्याकांड का पटाक्षेप हो गया। पुलिस इस मामलें में लालबाबू यादव व शंभू यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जबकि अन्य की तलाश जारी है। एसपी उद्द्भेदन करने वाली टीम को भी पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है।

