समस्तीपुर 29 अगस्त (अशोक “अश्क”) जिले में बिजली चोरी और तकनीकी घाटे को रोकने के लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर (डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर) लगाए जा रहे हैं, जिससे अब बिजली खपत और चोरी पर सटीक निगरानी संभव हो सकेगी।
डीटी मीटर से हर ट्रांसफार्मर से जुड़े कनेक्शन की खपत और बिलिंग के अंतर का तुरंत पता चल जाएगा। इससे बिजली चोरी की पहचान आसान होगी और तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह मीटर पावर मैग्नेटिक चिप और सेंसर से लैस है, जो विभाग को खपत का वास्तविक आंकड़ा उपलब्ध कराता है। इसके अलावा ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में त्वरित सूचना भी देता है।

अब तक की स्थिति:
समस्तीपुर प्रमंडल: 2997 में से 2441 ट्रांसफार्मरों पर मीटर लगे
रोसड़ा प्रमंडल: 1614 में से 664 ट्रांसफार्मरों पर मीटर
दलसिंहसराय प्रमंडल: 1992 में से 1906 ट्रांसफार्मरों पर मीटर
वर्तमान में जिले में 27% बिजली की खपत चोरी से होती है, जिससे हर माह करोड़ों का नुकसान हो रहा है। औसतन 112 बिजली चोरी के मामले हर महीने सामने आते हैं।
भविष्य की योजना:
सभी ट्रांसफार्मरों को स्मार्ट ग्रिड सिस्टम से जोड़ने की तैयारी है, जिससे बिजली व्यवस्था पारदर्शी और सुदृढ़ हो सकेगी। कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि यह पहल जिले में बिजली सुधार की दिशा में बड़ा कदम है।

