
धमदाहा (पूर्णिया): भोजपुर जिले के शाहपुर बिलौटी में पुलिस मुठभेड़ में जान गंवाने वाले भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार की शाम धमदाहा मध्य काली मंदिर परिसर से कैंडल मार्च एवं शोक सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए।
कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर “भारत भूषण तिवारी को न्याय दो”, “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारे लगाए। शोक सभा में वक्ताओं ने दावा किया कि यह मुठभेड़ नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। उनका आरोप था कि भारत भूषण तिवारी समाज के गरीब, वंचित और पीड़ित लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे थे और आत्मसमर्पण के बाद उन्हें गोली मारे जाने का आरोप बेहद गंभीर है।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि अब तक हुई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनकी अविलंब गिरफ्तारी की जाए। साथ ही भोजपुर के पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित करने की कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने भारत भूषण तिवारी प्रकरण की सीबीआई से स्वतंत्र जांच तथा उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि भारत भूषण तिवारी किसी एक जाति या वर्ग के नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के कारण वे एक सुनियोजित साजिश का शिकार बने। अंत में प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। आप खबर के अंत में इसे इस तरह जोड़ सकते हैं:
इस अवसर पर बी.के. ठाकुर, बिंदुनाथ झा, हरि झा, अर्कनाथ ठाकुर, सत्येंद्र यादव, युवराज यादव, खगेश सिंह, संजय झा, बंकिम ठाकुर, पवन ठाकुर, सोमेंद्र शेखर, राहुल झा, नंदकुमार चौधरी, पंकज ठाकुर, इंद्रदेव महतो, निरंजन ठाकुर, अजय महतो, राम महतो, साधो महतो, हरिवंश झा, रवींद्रनाथ ठाकुर, गिरिजा नंद झा,पवन कुमार वर्मा,मोहन झा।
बिला महतो, गुणी महतो, इंद्रदेव यादव, चुन्नू कुंवर, पप्पू ठाकुर, मनोज झा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

