
पूर्णिया:-28 जून:बिहार में बढ़ रहे अपराध के पीछे जमीन का बहुत बड़ा हाथ रहा है.सीधी बात कही जाय तो जमीन के धंधे में ही अपराध छुपा हुआ है.कहने का मतलब अपराध का सबसे बड़ा संबंध जमीन से ही है.इसलिए जमीन और अपराध का बड़ा ही अनोनाश्रय संबंध कहा जाता है.गौरतलब है कि अपराध की दुनिया से जमीन के धंधे में पैर रखने वालों को लोग जमीन माफिया कहने लगे.जिन्होंने जमीन के धंधे से और अपराधियों के साथ मिलीभगत कर बेशुमार धन अर्जित किया है.जिन्होंने सरकारी बाबुओं और अपराधियों के साथ मिलीभगत कर जमीन का फर्जी कागजात तैयार कर सस्ते में जबरन जमीन कब्जा करना और उसे महंगे दामों में बेचकर अकूत संपत्ति का मालिक बन गया.वैसे लोगों पर कारवाई के लिए सम्राट सरकार ने बिहार के सभी जिलों से लिस्ट मांगी है.बताते चलें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल-फिलहाल एक गृह विभाग की हाइलेबल मीटिंग कर,इस बात की पूरी जानकारी इकट्ठा करने के आदेश दिए है.मुख्यमंत्री ने सभी जिलों से वैसे धनकुबेरों की जानकारी मांगी है,जो सरकारी बाबुओं और अपराधियों की मिलीभगत से फर्जी कागजात तैयार कर सस्ते रेट में जबरन जमीन पर कब्जा कर,उसे महंगे दामों में बेचकर अकूत संपत्ति अर्जित किए है.जिसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपराध की श्रेणी में रखा है.वैसे लोगों का एक लिस्ट तैयार करने के लिए सभी जिलों को आदेश दिए है.सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्णिया से तकरीबन 16 ऐसे लोगों की सूची तैयार कर भेजी गई है,जिन्होने सरकारी बाबुओं और अपराधियों के गठजोड़ से जमीन के धंधे से बेशुमार दौलत अर्जित की है.

