समस्तीपुर 29 अगस्त (अशोक “अश्क”) समस्तीपुर में रेलवे के विकास और लंबित परियोजनाओं को लेकर आंदोलन का माहौल तेज़ हो गया है। रेल विस्तार-विकास मंच ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में नुक्कड़ सभाएं आयोजित कीं और 22 सितंबर से रेल कारखाना में भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की।

इस आंदोलन की मुख्य मांगें हैं:
रेल कारखाने में पीओएच (पुराने डब्बों का नवीनीकरण) कार्य प्रारंभ किया जाए।
भोला टाकीज और मुक्तापुर गुमटी पर ओवरब्रिज का निर्माण जल्द शुरू हो।
कर्पूरी ग्राम-ताजपुर-महुआ-भगवानपुर और केबल स्थान-कर्पूरी ग्राम नई रेल लाइन को मंजूरी दी जाए।
समस्तीपुर रेल अस्पताल को केंद्रीय अस्पताल का दर्जा दिया जाए।
माधुरी चौक स्थित चिल्ड्रन पार्क का जीर्णोद्धार कराया जाए।
नुक्कड़ सभा के आयोजन स्थल:
सभा शहर के सर्किट हाउस, भोला टाकीज, मुक्तापुर रेल गुमटी, बाजार समिति चौक, चीनी मील चौक और स्टेडियम गोलंबर पर आयोजित हुई। इसमें मंच के संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी, भाकपा-माले के नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जीबछ पासवान, जीतेंद्र कुशवाहा, राजद के राम विनोद पासवान, कांग्रेस के विश्वनाथ सिंह हजारी समेत अन्य नेता शामिल हुए।
संयोजक शत्रुघ्न राय पंजी ने कहा कि समस्तीपुर की पहचान अंग्रेजों के जमाने से रेल कारखाना रही है। 2012 में पीओएच निर्माण की मंजूरी दी गई थी और 2016-17 में इसके लिए 63 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित हुआ। लेकिन जगह की कमी का बहाना बनाकर आज तक काम शुरू नहीं किया गया। रेलवे की ओर से गठित जांच समिति ने भी इस पर सकारात्मक सिफारिश की है, फिर भी कार्य लंबित है।
नेताओं ने जनता से 22 सितंबर के भूख हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।

