
छपरा, 06 जुलाई।
बिहार में नियोजित शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सोनपुर आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के प्रस्तावित द्वितीय विस्तार को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई है। सारण के जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित सारण समाहरणालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित हितधारकों की बैठक में मकेर और अमनौर प्रखंडों को सोनपुर आयोजना क्षेत्र में शामिल करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। अब इस प्रस्ताव को नगर विकास एवं आवास विभाग को अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। विभागीय स्वीकृति और अधिसूचना जारी होने के बाद सोनपुर आयोजना क्षेत्र का कुल दायरा बढ़कर लगभग 798.94 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा, जिससे यह बिहार के सबसे बड़े आयोजना क्षेत्रों में से एक बन जाएगा।
बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने इस विस्तार को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि विस्तारित सोनपुर आयोजना क्षेत्र भविष्य में ‘नया पटना’ (New Patna) के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करते समय किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और विकास की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
केवल क्षेत्रफल बढ़ाना नहीं, बल्कि तेजी से विकसित हो रहे इलाके में सुनियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना इसका मुख्य उद्देश्य: जिलाधिकारी
इस संबंध में सारण के जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष- 2023 में पहली बार अधिसूचित किए गए सोनपुर आयोजना क्षेत्र का वर्ष 2025 में विस्तार कर इसे लगभग 599 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाया गया था, जिसमें दरियापुर, दिघवारा, सोनपुर, गड़खा और परसा के विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया गया था। अब प्रस्तावित द्वितीय विस्तार के तहत मकेर और अमनौर प्रखंडों को जोड़ने से लगभग 199.94 वर्ग किलोमीटर अतिरिक्त क्षेत्र शामिल होगा। इसके बाद आयोजना क्षेत्र के अंतर्गत 575 राजस्व ग्राम और तीन शहरी प्रशासनिक इकाइयां आएंगी।
बैठक में बताया गया कि विस्तार का उद्देश्य केवल क्षेत्रफल बढ़ाना नहीं, बल्कि तेजी से विकसित हो रहे इस इलाके में सुनियोजित और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित क्षेत्र में हरिहरनाथपुरम ग्रीन फील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, सोनपुर ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट, हरिहरनाथ कॉरिडोर तथा फिल्म सिटी जैसी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित या क्रियान्वयन की प्रक्रिया में हैं। इन परियोजनाओं के सफल संचालन के लिए समग्र क्षेत्रीय योजना आवश्यक मानी गई है। सड़क एवं परिवहन अवसंरचना के विस्तार को भी इस निर्णय का प्रमुख आधार बताया गया। अधिकारियों के अनुसार एनएच- 139डब्ल्यू, शेरपुर- दिघवारा पुल, पटना रिंग रोड, गंगा- अंबिका पथ तथा गंगा- नारायणी पथ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कारण पटना और सारण के बीच संपर्क तेजी से मजबूत हो रहा है। ऐसे में राजमार्गों एवं संपर्क मार्गों के किनारे अनियोजित शहरीकरण को रोकते हुए सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दृष्टि से भी इस विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला, ऐतिहासिक हरिहरनाथ मंदिर तथा धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र अंबिका भवानी स्थान जैसे स्थलों पर आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास कर इन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने की योजना है। बैठक में यह भी कहा गया कि बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार के कारण सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, स्वच्छता और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
विस्तारित आयोजना क्षेत्र के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान करते हुए नियोजित विकास, निवेश को बढ़ावा, नए व्यावसायिक अवसरों का सृजन तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए विकल्प विकसित किए जाएंगे। माना जा रहा है कि विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद यह विस्तार उत्तर बिहार के शहरी विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और पटना महानगरीय क्षेत्र के समानांतर एक नए नियोजित विकास मॉडल के रूप में उभरेगा। बैठक में सोनपुर विधायक विनय सिंह, छपरा विधायक छोटी कुमारी, उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी, अपर समाहर्ता, नगर आयुक्त छपरा, विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

