
छपरा,संवाददाता 10 जुलाई। सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र के नवकाढ़ा गंडक बांध ढाला पर 27 जून की रात हुए भीषण विस्फोट कांड में घायल दूसरे युवक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पटना में उपचाराधीन नवकाढ़ा निवासी रामेश्वर राय के पुत्र अखिलेश राय ने शुक्रवार देर शाम अंतिम सांस ली। इसके साथ ही इस दर्दनाक विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। इससे पहले घटना के दिन ही सचिन राय की मौके पर ही मौत हो गई थी। अखिलेश के मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी पूजा देवी, माता छठिया देवी, पिता रामेश्वर राय सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था और चालक के रूप में कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करता था। अपने पीछे वह पत्नी और तीन वर्षीय पुत्र सहित पूरे परिवार को छोड़ गया है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने लगे। इधर,अखिलेश का शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव को घटनास्थल के समीप गंडक बांध पर रखकर विरोध- प्रदर्शन किया। मृतक के माता-पिता,भाई और बहन ने पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही मकेर थानाध्यक्ष संग्राम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की गई। अधिकारियों द्वारा काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। गौरतलब है कि 27 जून की देर रात नवकाढ़ा गंडक बांध ढाला स्थित दुकानदार विनय सिंह की किराना दुकान में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि दुकान का दरवाजा पूरी तरह उड़ गया और छत पर लगी एस्बेस्टस शीट काफी दूर तक जा गिरी। विस्फोट की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए थे। इस हादसे में सचिन राय की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल अखिलेश राय को प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर किया गया था, जहां करीब दो सप्ताह तक जीवन और मौत से संघर्ष करने के बाद उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मढ़ौरा डीएसपी साबिंदर कुमार दास, सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार,पुलिस उपमहानिरीक्षक निलेश कुमार तथा जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था।एफएसएल की टीम ने भी मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से जारी है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अखिलेश राय की मौत के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। परिजनों का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उन्हें सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।

