
पूर्वी चम्पारण,संवाददाता 17 जुलाई। पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले एक मामले में पश्चिम चम्पारण प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक हरकिशोर राय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़वा थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर अपहरण के मामले में पीड़ित के साथ अनुचित व्यवहार, कथित अपहरणकर्ता को बिना उचित कार्रवाई के छोड़ने तथा कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। जानकारी के अनुसार,थाना के रखवरिया गांव निवासी सुनीता देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 जून को उनके पति बालकन्हाई महतो का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। डायल-112 की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत व्यक्ति और कथित अपहरणकर्ता दोनों को रामगढ़वा थाना लाया। आरोप है कि थाना पहुंचने के बाद पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह उलट गई। कथित अपहरणकर्ता को महज एक घंटे के भीतर छोड़ दिया गया,जबकि अपहरण के शिकार बालकन्हाई महतो को बिना किसी स्पष्ट कानूनी आधार के करीब 24 घंटे तक हाजत में बंद रखा गया। इतना ही नहीं, क्षेत्र में कथित सूदखोरी के कारोबार की जानकारी होने के बावजूद संबंधित मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद डीआईजी हरकिशोर राय ने थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा था। पुलिस मुख्यालय के अनुसार,थानाध्यक्ष का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमाने रवैये का मामला मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने का आदेश दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित थानाध्यक्ष पर पहले भी निर्दोष लोगों, विशेषकर व्यवसायियों को झूठे मामलों में फंसाने और पद के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में डीआईजी की इस कार्रवाई का क्षेत्र में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। हालांकि,इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

