

पटना/पूर्णिया:-04 सितम्बर(राजेश कुमार झा)मै हूं घूसखोर के आज की इस कड़ी में निगरानी की टीम ने पूर्णिया के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को घुस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.जिससे पूरे विभाग में खलबली मच गई है.बताते चलें कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (B.S.E.I.D.C.L.),पूर्णिया में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को निगरानी टीम ने 1,04,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई बुधवार, 3 सितंबर 2026 को पटना के बेली रोड (नेहरू पथ) स्थित चिड़ियाघर के पास गोल्फ क्लब गेट के समीप की गई।
क्या था पूरा मामला
परिवादी राम सागर शर्मा (निवासी- कंकड़बाग, पटना) ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके द्वारा कटिहार जिले में सरकारी विद्यालयों के निर्माण से संबंधित कार्य कराया गया था। इस कार्य का प्रथम भुगतान 1,54,19,329 रुपये उनके खाते में आया था। इसी भुगतान की राशि का 2 प्रतिशत यानी कुल 3,00,000 रुपये रिश्वत के रूप में कार्यपालक अभियंता द्वारा मांगे जा रहे थे। ब्यूरो द्वारा शिकायत का सत्यापन कराए जाने पर 1,04,000 रुपये रिश्वत मांगने के प्रमाण सही पाए गए। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक विकाश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया, जिसने जाल बिछाकर आरोपी अभियंता को धर दबोचा।
रिटायर्ड होने के बाद आउटसोर्सिंग पर संभाल रहे थे कमान
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी द्विजेन्द्र कुमार मिश्र मूल रूप से जल संसाधन विभाग से वर्ष 2021 में कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके बाद वे वर्ष 2023 से एक आउटसोर्सिंग एजेंसी (टेक्नो फैसिलिटी एंड मैनेजमेंट सर्विसेज) के माध्यम से शिक्षा विभाग के अंतर्गत B.S.E.I.D.C.L. पूर्णिया में संविदा पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
फ्लैट की तलाशी में खुले राज: कैश और जेवरात बरामद
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने आरोपी के रूपसपुर, पटना स्थित लखन एन्क्लेव फ्लैट की तलाशी ली। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में अवैध संपत्तियों का खुलासा हुआ है। 8,36,000 रुपये नगद राशि। लगभग 1 करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश के कागजात। एक हुंडई i20 कार (Hyundai i20 car)। दो बैंक लॉकर के कागजात। भारी मात्रा में सोना-चांदी के आभूषण, जिनका आधिकारिक मूल्यांकन कराया जा रहा है। आरोपी से पूछताछ के बाद उसे पटना के माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में उपस्थापित किया जाएगा।
वर्ष 2026 में निगरानी का 96वां ट्रैप कांड
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 104वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें ट्रैप से जुड़ा यह 96वां मामला है। इस वर्ष अब तक कुल 96 भ्रष्ट अधिकारियों/कर्मियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनका यह अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा।
















