जयपुर, 1 सितम्बर (अशोक “अश्क”) भादों महीने में मानसून पूरे जोरों पर है और सावन की झड़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। राजस्थान के कई जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसको देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

झुंझुनूं जिले में लगातार हो रही बारिश और आगामी भारी बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत सोमवार, 1 सितंबर को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों (प्री-प्राइमरी से 12वीं तक) में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। हालांकि, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।
इसी तरह अलवर जिले में भी भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने सोमवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है। यहां कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। उल्लेखनीय है कि 2 सितंबर को रामदेवरा मेले के कारण राज्य में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
सीकर और पाटन में शनिवार को हुई भारी बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। महज दो घंटे में दो इंच से ज्यादा पानी बरस गया, जिससे कई इलाकों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया। लोहारू बस स्टैंड, स्टेशन रोड और बजाज रोड पर पानी दुकानों में घुस गया। राधाकिशनपुरा रेलवे अंडरपास में करीब 7 फीट तक पानी भर गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई।
पाटन के रेला बंधा क्षेत्र में एक बुजुर्ग बाइक समेत तेज बहाव में फंस गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने समय रहते उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रामगढ़ शेखावाटी में 104 मिमी और सीकर शहर में कुछ ही घंटों में 60 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
बारिश से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश चिंता का सबब बन गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार लगातार हो रही बारिश से बाजरा और मूंग की फसल को नुकसान हो सकता है। हालांकि, ग्वार की फसल को इससे लाभ मिलने की संभावना है। खेतों में पानी भरने और मिट्टी की नमी ज्यादा होने से कई जगहों पर फसल सड़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रदेश में फिलहाल बारिश का यह सिलसिला अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, ऐसे में आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

