समस्तीपुर, 1 सितंबर (राजेश झा) शिवाजीनगर प्रखंड के बंधार पंचायत स्थित बाघोपुर गांव वार्ड-11 में सोमवार को पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने रोसड़ा–हथौड़ी मुख्य मार्ग को टायर जलाकर और बांस-बल्ला लगाकर पूरी तरह से जाम कर दिया। तीन घंटे तक सड़क ठप रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों ने बताया कि बीते चार-पांच महीनों से करीब एक हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। नल-जल योजना से जुड़े बोरिंग से नियमित पानी नहीं मिल रहा है। आरोप है कि बोरिंग ऑपरेटर की लापरवाही और खेतों की सिंचाई के लिए रातभर पानी चलाने से मोटर बार-बार जल जाता है, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित होती है।

महिलाओं ने बताया कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। उन्हें सुबह-शाम पानी की तलाश में दूर-दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिनकी जमीन पर बोरिंग है, वे लोग आम नागरिकों से अभद्रता करते हैं। शिकायत के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जाम के दौरान ग्रामीणों ने सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में सरिता देवी, ऋण देवी, पिंकी देवी, कन्हैया सहनी, रंजीत सहनी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शाम तक जल आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन होगा।
बाद में पीएचईडी के एसडीओ ने ग्रामीणों से फोन पर बात कर शाम तक नल-जल योजना को चालू कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद दोपहर करीब 1 बजे सड़क जाम समाप्त किया गया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह अंतिम चेतावनी है, अब भी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।

