नई दिल्ली, 3 सितम्बर (अशोक “अश्क”) बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा संभावित चुनावी शेड्यूल की तैयारियों के बीच दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में बिहार बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे और विपक्ष की रणनीति का जवाब देने पर गहन चर्चा की गई।

बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक बैठक का मुख्य एजेंडा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर जवाबी रणनीति तैयार करना रहा। बता दें कि यह यात्रा 17 अगस्त से 1 सितंबर तक चली थी, जिसमें विपक्ष ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट कटने जैसे आरोप लगाए थे।
बैठक में यह तय किया गया कि बीजेपी विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों का तथ्य आधारित जवाब देगी और इसे साजिश बताकर जनता के सामने विपक्ष की “जनविरोधी मानसिकता” को उजागर करेगी। दरभंगा में यात्रा के दौरान पीएम मोदी की दिवंगत मां पर की गई टिप्पणी पर भी बीजेपी ने नाराजगी जताई। गृह मंत्री अमित शाह ने इस पर कांग्रेस से माफी की मांग की थी और अब कानूनी कार्रवाई समेत जवाबी हमले की रणनीति भी तैयार की जा रही है।
इसके अलावा, बैठक में एनडीए के घटक दलों जेडीयू, एलजेपी और हम (सेक्युलर) के साथ सीट बंटवारे पर भी चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि 243 विधानसभा सीटों को लेकर सर्वे रिपोर्ट और एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर की समीक्षा की गई ताकि मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों को मौका मिल सके। साथ ही, नीतीश कुमार के नेतृत्व को एनडीए का सर्वमान्य चेहरा बनाए रखने पर भी सहमति बनी।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 17 सितंबर के बिहार दौरे पर भी विशेष चर्चा हुई। इस दौरे में कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत होगी, जिसे बीजेपी चुनावी माहौल को गर्माने की रणनीति के रूप में देख रही है। बैठक में इस दौरे की तैयारियों और इसके सियासी असर पर भी मंथन हुआ।
यह बैठक बीजेपी की चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

