पटना,4सितम्बर (अशोक “अश्क”) आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने पार्टी नेताओं और पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पार्टी की रणनीति, टिकट वितरण, संगठनात्मक अनुशासन और भाजपा के खिलाफ अभियान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। तेजस्वी ने दो टूक कहा कि अब केवल सरकार बनाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि बिहार को बदलना है।

बैठक में तेजस्वी ने सभी नेताओं से फीडबैक लिया और उनके सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि टिकट पटना का चक्कर काटने से नहीं मिलेगा, बल्कि बूथ स्तर पर सक्रियता ही टिकट का आधार बनेगी। उन्होंने बताया कि उम्मीदवार तय करने के लिए सर्वे कराया गया है और उसी के अनुसार टिकट वितरण होगा।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि गठबंधन की राजनीति में सबको साथ लेकर चलना होगा। यदि किसी को टिकट नहीं मिलता है तो उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, बल्कि पार्टी भविष्य में उन्हें अन्य जिम्मेदारियों में समायोजित करेगी। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर कोई नेता जिम्मेदारी नहीं निभाएगा तो उसे पद से हटाया जा सकता है।
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “हमें हर मोड़ पर भाजपा को जवाब देना है। बिहार में समाजवादी विचारधारा को कमजोर करने की साजिश हो रही है। नफरत और सांप्रदायिकता की राजनीति की दुकान चलाई जा रही है, लेकिन हम इसका डटकर मुकाबला करेंगे।”
नीतीश कुमार और जदयू पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब बिहार में उनका कोई एजेंडा नहीं है। “हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन अब वे दया के पात्र बन चुके हैं। भाजपा उनकी उम्र और स्थिति का अनुचित फायदा उठा रही है।”
राज्य सरकार पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा, “सरकार में कोई विजन नहीं है। हमारी घोषणाओं की नकल की जा रही है, लेकिन नीयत साफ नहीं है। हमें बिहार को एक नई दिशा देनी है। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो किसी बिहारी को राज्य के बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।”
बैठक में मतदाता सूची पर भी खास ध्यान देने की बात कही गई। तेजस्वी ने निर्देश दिया कि हर कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करे कि कोई जीवित मतदाता छूटे नहीं और मृत या फर्जी नाम शामिल न हो। उन्होंने कहा कि न केवल अपने बल्कि परिवार, रिश्तेदार, पड़ोसी और गांव के लोगों के नाम भी सूची में जुड़वाना जरूरी है।
दलित और वंचित तबके के लिए खास रणनीति बनाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की सफलता और जनता के बीच मिल रहे समर्थन पर संतोष जताया गया। तेजस्वी ने अंत में कहा, “हमें नारा नहीं, नया बिहार बनाना है।”

