बनासकांठा, 5 सितम्बर (अशोक “अश्क”) जिले की लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने डीसा तालुका के महादेविया गांव में देर रात छापेमारी कर नकली नोट छापने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार हो गया है। मौके से पांच प्रिंटर, स्टेशनरी का सामान और करीब 40 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।

पुलिस को सूचना मिली थी कि महादेविया गांव के एक खेत में बने तहखाने में नकली नोट छापने का काम चल रहा है। सूचना के आधार पर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संजय सोनी और कौशिक श्रीमाली को गिरफ्तार कर लिया, जबकि खेत के मालिक रायमल सिंह परमार फरार हो गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने नकली नोट छापने की बात स्वीकार की है।
जांच में पता चला है कि फरार आरोपी रायमल सिंह परमार पहले से ही कई गंभीर मामलों में वांछित था। उस पर 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं जिनमें फिरौती मांगना, निषेध का उल्लंघन और मारपीट शामिल हैं। रायमल सिंह परमार पर पहले पासा (गुजरात का कठोर सुरक्षा कानून) के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। जेल से रिहा होने के बाद उसने संजय सोनी के साथ मिलकर अपने खेत में तहखाना बनाकर नकली नोट छापने की फैक्ट्री शुरू कर दी थी।
पुलिस ने बरामद प्रिंटर और अन्य उपकरणों की जांच में पाया है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर नकली नोट तैयार कर रहा था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह कब से सक्रिय है, अब तक कितनी नकली करेंसी छापी गई है और कितने नोट बाजार में छोड़े गए हैं।
स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि फरार आरोपी रायमल सिंह परमार की तलाश तेजी से जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि इस नकली नोट गिरोह के सभी कनेक्शन उजागर किए जा सकें।
बनासकांठा पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में नकली नोट के प्रसार पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने लोगों से भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

